झारखंड राष्ट्रभाषा परिषद के अध्यक्ष बने कुलानंद पांडेय

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सर्वसम्मति से कुलानंद पांडेय को चुना गया अध्यक्ष

झारखंड राष्ट्रभाषा परिषद के तत्वावधान में आज सम्पन्न हुई बैठक में परिषद का पुनर्गठन किया गया। एला एंग्लाइज स्कूल में हुई बैठक में परिषद के महासचिव डॉ गजाधर महतो प्रभाकर ने आगामी अध्यक्ष के लिए कुलानंद पांडेय के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसकी सम्पुष्टि कार्यकारी अध्यक्ष बिनय कुमार सिंह ने की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने हर्ष ध्वनि से उनके नाम पर मुहर लगाते हुए प्रस्ताव को पारित किया। इस मौके पर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष बिनय कुमार सिंह ने कहा कि कुलानंद पांडेय झारखण्ड राष्ट्रभाषा परिषद से अपने शिक्षण सेवाकाल से ही जुड़े रहे। शिक्षा एवम साहित्य क्षेत्र में उत्प्रेरक का कार्य करते रहे। उनके इस योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उनकी अगुवाई में परिषद के साहित्यिक गतिविधियों में निःसंदेह असाधारण गति मिलेगी। जानकारी हो कि उपर्युक्त पद अध्यक्ष नाना तिवारी के निधन के बाद से रिक्त पड़ा हुआ था। बैठक में पुनर्गठन के क्रम में हिंदी के लेखन कार्य सह शिक्षा क्षेत्र से जुड़े नवीन कुमार सिंह को झारखण्ड राष्ट्रभाषा परिषद का उपाध्यक्ष एवम मुंडारी लेखक सह शिक्षक आनंद बारला को संगठन मंत्री के रूप में मनोनयन किया गया। बैठक मे अपने उद्बोधन के दौरान परिषद के नव मनोनीत अध्यक्ष कुलानंद पांडेय ने कहा कि संस्था के संस्थापक अध्यक्ष रघुपति सिंह चौहान “व्यथित” एवम निवर्तमान अध्यक्ष नाना तिवारी के द्वारा बनाये गए बागवान को उपजाऊ बनाये रखने की अनवरत कोशिश रहेगी। क्षेत्र में साहित्यिक विकास का कार्यक्रम जारी रहेगा। आज की बैठक में विजयंत कुमार, रूपेश विश्वकर्मा, बैभव कुमार, सुरेश महतो द्वारा नव मनोनीत पदाधिकारियों को मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया।