रामगढ़,झारखंड: रामगढ़ के कोयला क्षेत्र में सीबीआई की बढ़ती दबिश ने अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है। बीते दो महीनों में सीबीआई ने बरकाकाना, अरगड्डा और बरका सयाल क्षेत्रों में घूसखोरी और अनियमितताओं को लेकर कई कार्रवाइयाँ की हैं — किसी को रंगे हाथ पकड़ा गया, तो किसी के दरवाजे पर छापेमारी हुई।
19 मई को बरका सयाल की कोलियरियों में हुई गहन छानबीन के बाद से क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारियों समेत कई बड़े नामों से घंटों पूछताछ हुई। कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज़ों की जाँच और लगातार दबाव के चलते अधिकारी अब ‘सुरक्षित माध्यम’ की तलाश में हैं।
💬 अब WhatsApp कॉल ही नया रास्ता!
सीबीआई द्वारा कॉल रिकॉर्ड्स की छानबीन के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों ने अब साधारण कॉल का उपयोग करना लगभग बंद कर दिया है। बातचीत के लिए अब सभी व्हाट्सएप कॉल का सहारा ले रहे हैं — क्योंकि न तो उसका रिकॉर्ड बचता है और न ही वह जाँच में आसानी से आता है।
🤐 बिचौलियों से दूरी, लेकिन काम जारी
अधिकारी अब स्थानीय सेल ऑपरेटरों और बिचौलियों से सीधे संपर्क से बच रहे हैं, लेकिन कई गतिविधियाँ अब भी दबे-छुपे जारी हैं। ज़रूरत पड़ने पर व्हाट्सएप कॉल ही एकमात्र माध्यम बन चुका है।
😨 चेहरों पर खौफ साफ़ नज़र आता है
कोयला क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों के चेहरों पर सीबीआई का डर साफ देखा जा सकता है। हर कोई बचाव के रास्ते तलाश रहा है — लेकिन क्या डर की ये चुप्पी, सच छुपा पाएगी?