झारखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 जिलों को मिले नए उपायुक्त

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रांची, झारखंड : झारखंड सरकार ने सोमवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2012 से 2018 बैच के अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापन की अधिसूचना जारी की है। इस आदेश से 40 से अधिक अधिकारी प्रभावित हुए हैं, जिनमें 20 जिलों के उपायुक्त (DC) बदले गए हैं।

नवीन उपायुक्तों की तैनाती राज्य के प्रमुख जिलों में की गई है, जिनमें रांची, खूंटी, रामगढ़, पलामू, गिरिडीह, चाईबासा, दुमका, हजारीबाग, बोकारो, देवघर, गुमला आदि शामिल हैं।

प्रमुख तबादले और नई जिम्मेदारियाँ

नवीन उपायुक्त नियुक्त हुए:

अधिकारी का नाम

बैच

नवीन पदस्थापन

श्री अजय नाथ झा

2012

उपायुक्त, बोकारो

श्री फैज अक अहमद मुमताज

2014

उपायुक्त, रामगढ़

श्री आदित्य रंजन

2015

उपायुक्त, धनबाद

श्री राम निवास यादव

2015

उपायुक्त, गिरिडीह

श्रीमती आर. रोनिटा

2015

उपायुक्त, खूंटी

श्री नमन प्रियेश लकड़ा

2015

उपायुक्त, देवघर

श्रीमती अंजली यादव

2015

उपायुक्त, गोड्डा

श्री चंदन कुमार

2016

उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा)

श्रीमती कंचन सिंह

2016

उपायुक्त, सिमडेगा

श्री नितीश कुमार सिंह

2017

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां

श्रीमती प्रेरणा दीक्षित

2017

उपायुक्त, गुमला

श्री शशि प्रकाश सिंह

2017

उपायुक्त, हजारीबाग

श्री कुमार तारा चंद्र

2017

उपायुक्त, लोहरदगा

श्रीमती कीर्तिश्री जी

2017

उपायुक्त, चतरा

श्री अभिजीत सिन्हा

2018

उपायुक्त, दुमका

श्री ऋतु राज

2018

उपायुक्त, कोडरमा

श्रीमती समीरा एस

2018

उपायुक्त, पलामू

श्री रवि आनंद

2018

उपायुक्त, जामताड़ा

श्री दिनेश कुमार यादव

2018

उपायुक्त, गढ़वा

श्री कर्ण सत्यार्थी

2016

उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • यह स्थानांतरण आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-14 के तहत जारी किया गया है, जिससे उपायुक्तों को जिला दंडाधिकारी की शक्तियाँ मिलती हैं।

  • आदेश कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, झारखंड द्वारा जारी किया गया।

  • इस बदलाव का उद्देश्य जिलों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है।

निष्कर्ष:

यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल राज्य के शासन को नई दिशा देने का प्रयास है। इससे जिला प्रशासन में नई ऊर्जा आएगी और नीतियों का तेजी से क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है। नए अधिकारियों के सामने विकास, पारदर्शिता और सेवा प्रदायगी के नए मानक स्थापित करने की चुनौती है।