रामगढ़, झारखंड: रामगढ़ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार ने शुक्रवार को रामगढ़ उपकारा (जेल) का औचक निरीक्षण करते हुए बंदियों को आत्मचिंतन और जीवन में सुधार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि
“बंदियों को चाहिए कि वे आत्ममंथन कर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ें और समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में लौटें।”
यह निरीक्षण झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) रामगढ़ के तत्वावधान में किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी दल की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश संजय कुमार के साथ निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:
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अनिल कुमार – सचिव, DLSA
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सिमरन कुमारी – प्रोबेशन ऑफिसर
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शंकर कुमार – प्रभारी कार्यपाल
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सुजीत कुमार सिंह – चीफ, लीगल एंड डिफेंस काउंसिल
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रामजी – डिप्टी चीफ, लीगल एंड डिफेंस काउंसिल
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अभिनय कुमार और मोहन महतो – सहायक अधिवक्ता
जेल व्यवस्था और सुधार पर निर्देश
न्यायाधीश और अधिकारियों ने बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों की व्यक्तिगत समस्याएं सुनीं और उनसे स्वास्थ्य, भोजन, जल, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
न्यायाधीश संजय कुमार ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि:
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आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को नि:शुल्क अधिवक्ता की सेवा दी जाए
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शौचालयों की सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए
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शिक्षा और रोजगारपरक शिविरों का आयोजन कर बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएं