डाडी प्रखंड में किसानों के बीच पहुँचा वैज्ञानिक दल, खरीफ फसलों की उन्नत तकनीक पर दी विस्तृत जानकारी

Spread the love

गिद्दी: डाडी प्रखंड के डाड़ी, मिश्राइनमोढ़ा और रिकवा गांवों में रविवार को प्री-खरीफ विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों, आत्मा कर्मियों और जिला कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने किसानों से संवाद किया और खरीफ मौसम में उन्नत खेती के तौर-तरीकों की जानकारी साझा की।

किसानों की समस्याएं सुनीं, सुझाव भी दिए

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोरिया करमा (बरही) से आए वैज्ञानिकों के दल ने किसानों से उनकी ज़मीनी समस्याएं जानीं और उन्हें फसलवार उन्नत तकनीकों के उपयोग पर जानकारी दी। खरीफ फसलों के लिए खेत की सही तैयारी, प्रमाणित बीज का चयन, बीजोपचार, और मिट्टी परीक्षण की उपयोगिता को समझाया गया।

सरकार की योजनाओं की भी दी जानकारी

आत्मा एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित सहायता योजनाओं, अनुदान और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाली पहलुओं पर भी विस्तार से बताया। साथ ही, फव्वारा और ड्रिप सिंचाई प्रणाली को अपनाने का सुझाव दिया गया।

फार्म विजिट: बलदेव बेदिया की बहुआयामी खेती बनी प्रेरणा

दल ने किसान बलदेव बेदिया के खेत और फार्म का भी निरीक्षण किया। उनकी खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन, बतख पालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों को एकीकृत खेती का मॉडल बताया गया, जिससे ग्रामीण कृषि को नई दिशा मिल सकती है।

मौजूद रहे ये प्रमुख वैज्ञानिक और अधिकारी

कार्यक्रम में शामिल प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल थे:
डॉ. आशा कुमारी, डॉ. सानतेस कामत, धर्मेंद्र कुमार यादव, अनन्या मांझी, कृषि अधिकारी देवेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अनिल सिन्हा, तुलसी विश्वकर्मा, साथ ही जनसेवक, किसान मित्र और दर्जनों स्थानीय किसान।