कैथा (रामगढ़): श्री जगन्नाथ मंदिर में देवस्नान पूर्णिमा संपन्न, भगवान 15 दिन के अज्ञातवास में

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रामगढ़, झारखंड: आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर रामगढ़ जिले के कैथा स्थित श्री श्री 108 श्री नर्मदेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का देवस्नान पूर्णिमा अनुष्ठान परंपरागत और भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अनुष्ठान के साथ ही भगवान 15 दिनों के अज्ञातवास (अनवसर) में चले गए।

मंदिर के मुख्य पुजारी डॉ. बी. एन. चटर्जी ने बताया कि देवस्नान अनुष्ठान में 108 औषधीय जल के कलशों से भगवान का अभिषेक किया गया। अत्यधिक स्नान के बाद भगवान ‘अस्वस्थ’ हो जाते हैं, जिसे प्रतीकात्मक रूप में लिया जाता है, और इसी कारण वे 15 दिनों तक भक्तों के दर्शन से दूर रहते हैं।

25 जून को “नेत्रोत्सव”, फिर 26 जून को भव्य रथ यात्रा

इस दौरान भगवान को आयुर्वेदिक उपचार व काढ़ा दिया जाता है। मंदिर के पट बंद नहीं रहते, लेकिन गर्भगृह के दर्शन नहीं होते। 25 जून को नेत्रोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें भगवान की नई आंखें बनाई जाती हैं। इसके बाद 26 जून को रथ यात्रा की शुरुआत होगी, जो पूरी तरह पुरी की परंपरा के अनुसार होगी।

भक्तों को किया गया आमंत्रित

सेवा समिति के सचिव संतोष महतो और अध्यक्ष हंसपाल महतो (सुदर्शन महतो) ने बताया कि यह आयोजन कैथा की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का जीवंत उदाहरण है। गजवेष दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में शामिल रहे: पार्षद देवधारी महतो, कुलदीप कुमार महतो, आशुतोष चटर्जी, पारितोष चटर्जी, राजकुमार महतो, संजय करमाली, शिव कुमार, सुरेश करमाली, अजय आस्था, यश प्रीत, नीतीश कुमार, चंदन कुमार, सत्येंद्र कुमार और अन्य सैकड़ों श्रद्धालु।

भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा वा भाई बलभद्र के विग्रहों के साथ श्रद्धालू