रामगढ़, झारखंड : जिला विधिक सेवा प्राधिकरणए रामगढ़ के तत्वावधान में एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्षए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजय कुमार के मार्गदर्शन में 15 जून को विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रामगढ़ के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन नालसा, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को रोकना तथा उनके अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है।

कार्यक्रम में जिले की प्रमुख सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही :-
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक संगम, पेंशनर कल्याण समिति, शांति धारा फाउंडेशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, पंचवटी सोसाइटी, मिलोनी क्लब आदि से जुड़े लोग व बुजुर्ग शामिल हुये।। मंच का संचालन कमल बगड़िया ने किया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार ने कहा कि :-
घर में बुजुर्गों का होना बड़े सौभाग्य की बात है। उनके अनुभवों से युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन मिलता है। हम जिनकी उंगली पकड़कर चलना सीखे हैं, अब उनकी देखभाल हमारी जिम्मेदारी है। जैसे माता-पिता अपने बच्चों का पालन-पोषण निःस्वार्थ भाव से करते हैं, वैसे ही बच्चों को अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। यदि सभी युवा ऐसा करें तो वृद्धाश्रमों की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।
कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के प्रमुख सुजीत कुमार सिंह ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम (Senior Citizens Act) 2016 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि :-
🔹 यह अधिनियम मूल रूप से Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के रूप में लागू किया गया था, जिसे बाद में 2016 में अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए संशोधित किया गया।
🔹 यह अधिनियम प्रत्येक संतान (चाहे वह पुत्र हो या पुत्री) एवं दामाद/बहू को यह कानूनी जिम्मेदारी देता है कि वे अपने माता-पिता एवं वरिष्ठ परिजनों की देखभाल करें और उन्हें भरण-पोषण प्रदान करें।
🔹 यदि कोई संतान अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता है, तो बुजुर्ग व्यक्ति जिला मजिस्ट्रेट या अनुमंडल न्यायाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं।
🔹 इस अधिनियम के अंतर्गत बुजुर्गों को प्रत्येक माह अधिकतम ₹10,000 तक का भरण-पोषण अनिवार्य रूप से दिया जा सकता है।
🔹 अधिनियम में वृद्धाश्रमों की स्थापना, बुजुर्गों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, तथा बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा या दुर्व्यवहार होने पर कानूनी संरक्षण की भी व्यवस्था की गई है।
🔹 कोई भी व्यक्ति बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार करता है, उन्हें बेदखल करने की कोशिश करता है या संपत्ति के नाम पर धोखा देता है, तो ऐसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान भी इस अधिनियम में है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डालसा रामगढ़ के मेडिएटर्स प्रदीप कुमार सिंह, इंद्रपाल सिंह सैनी, इंद्रजीत सिंह कालरा, अनुज कुमार गुप्ता, डालसा के कर्मचारी संतोष कुमार, मनीष कुमार सिन्हा पारा लीगल वालंटियर विनोद कुमार महतो, उमेश कुमार गुप्ता, नंद किशोर महतो, टिकेश्वर प्रसाद, पूनम कुमारी देवी, मीना कुमारी, चंदा कुमारी आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया ।
इस अवसर पर बुजुर्गों की सामाजिक, भावनात्मक व कानूनी सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।