सूचना नहीं मिलने पर समाजसेवी ने दी आत्मदाह की चेतावनी, नगर परिषद पर गंभीर आरोप

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रामगढ़, झारखंड: रामगढ़ नगर परिषद के वार्ड संख्या 01 सांडी, धनहारा निवासी समाजसेवी रवि कुमार ने नगर परिषद कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उन्होंने यह घोषणा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर की, जिसमें नगर परिषद की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

समाजसेवी रवि कुमार के अनुसार, उन्होंने 19 जुलाई 2024 को सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) 2005 के तहत छह बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। जवाब में नगर परिषद कार्यालय ने 7500 पृष्ठों की सूचना का हवाला देकर 15,000 रुपये शुल्क जमा करने की मांग की थी। रवि कुमार ने शुल्क जमा करने के बावजूद केवल 4300 पृष्ठों की अपूर्ण सूचना मिलने का आरोप लगाया है।

उन्होंने बताया कि प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास शिकायत दायर किए 114 दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं दिया गया है। उनका आरोप है कि यह रवैया पारदर्शिता से बचने और भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास है।

रवि कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि 17 जून 2025 तक अपीलीय अधिकारी द्वारा कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो वह नगर परिषद कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल द्वारा होल्डिंग टैक्स की जांच के आदेश के बावजूद कोई स्पष्ट कार्रवाई या जानकारी सामने नहीं आई है। जनकल्याणकारी योजनाओं में भी अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा गया कि उनकी शिकायतें सिर्फ आश्वासन तक सीमित रह गई हैं।

रवि कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद के जनसूचना पदाधिकारी ने सूचना वापस लेने के लिए उन पर दबाव डाला है, वहीं कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के नाम पर धमकी दी है। सीटी मैनेजर प्रेम प्रकाश पर भी तीन मंजिला भवन से नीचे फेंकने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय कर्मचारियों और कथित दलालों द्वारा भी रवि कुमार को धमकाने का दावा किया गया है।

रवि कुमार का कहना है कि वह केवल जनता के हक की बात कर रहे हैं और RTI जैसे कानूनों के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।