“या हसन या हुसैन” के नारों से गूंजा रामगढ़                                  ताजिया जुलूस के साथ संपन्न हुआ मुहर्रम

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रामगढ़ कैंट, झारखंड :  त्याग और बलिदान का प्रतीक पर्व मुहर्रम रविवार को रामगढ़ शहर सहित पूरे जिले में धार्मिक श्रद्धा और शांति के साथ संपन्न हुआ। मुहर्रम के अवसर पर शनिवार को जहां ताजिया जुलूस निकाले गए, वहीं रविवार को भी जिले के विभिन्न हिस्सों से पारंपरिक जुलूस निकाले गए, जिनमें श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रही।

रामगढ़ शहर के गोल पार, सौदागर मोहल्ला, आज़ाद बस्ती व नयीसराय से सुबह करीब 10 बजे ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल लोग पारंपरिक हथियारों, लाठी-डंडों के साथ करतब दिखाते हुए “या हसन, या हुसैन” के नारों से माहौल को मातमी रंग में रंगते नज़र आए। लोग अपने-अपने इलाकों से धार्मिक निशान और ताजिया लेकर निकले और जुलूसों का संगम गोला रोड चट्ठी बाजार में हुआ।

शहर भ्रमण के बाद श्रद्धालु पुनः अपने मोहल्लों की ओर लौटे, और देर शाम पुनः जुलूस निकाला गया। अंततः यह मातमी जुलूस गोल पार स्थित कर्बला मैदान पहुंचा, जहां परंपरागत रूप से ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान गोलपार इमामबाड़ा में भी इस्लामिक धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए।

इस शांतिपूर्ण आयोजन के दौरान जिला प्रशासन और स्थानीय समिति द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। पूरे जिले में पर्व पूरी श्रद्धा, संयम और अनुशासन के साथ मनाया गया।