बस ने स्कूटी, टोटो और कार को मारी टक्कर, 45 मिनट तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
देवघर, झारखंड : देवघर नगर थाना क्षेत्र के बाजला चौक से बंपास टाउन मार्ग पर जमुना जोर नाला के पास मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक आर्किटेक्ट इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका मासूम बेटा घायल हो गया। घटना सुबह लगभग 7:30 बजे की है, जब करनीबाग निवासी आलोक कुमार (उम्र 34 वर्ष), जो पेशे से आर्किटेक्ट इंजीनियर थे, अपने पांच वर्षीय पुत्र अर्णव आनंद को स्कूटी से संत फ्रांसिस स्कूल छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रही संत जेवियर्स स्कूल की बस ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे का भयावह दृश्य
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आलोक कुमार सड़क पर गिर पड़े, और उनका बेटा सड़क के किनारे फेंका गया। बस का पिछला चक्का आलोक की कमर को कुचलता हुआ कुछ दूरी तक घसीटता ले गया। इसके बाद बस बेकाबू होकर एक टोटो को धक्का मारते हुए सामने से आ रही कार से टकराई और वहीं जाकर रुकी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर कार सामने नहीं होती तो बस जमुना जोर नाले में गिर सकती थी, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती थी। उस समय बस में तीन दर्जन से अधिक स्कूली बच्चे सवार थे।
बच्चा घायल, पिता की मौत
घायल अर्णव को स्थानीय लोगों की मदद से उठाया गया और सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल आलोक कुमार को परिजन घटनास्थल से कार में लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नाबालिग चला रहा था बस
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूल बस के चालक को पकड़ा और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हैरानी की बात यह रही कि बस को स्कूल का खलासी चला रहा था, जो नाबालिग है और उसके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही आधार कार्ड।
स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल प्रशासन की लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की वजह से यह हादसा हुआ। टोटो भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक आंशिक रूप से घायल हुआ है।
देरी से पहुंची एंबुलेंस और पुलिस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के 45 मिनट बाद तक न तो पुलिस पहुंची और न ही एंबुलेंस। इससे पहले ही परिजन और परिचित घटनास्थल पर पहुंच चुके थे और खुद ही घायलों को अस्पताल लेकर गए।
आक्रोशित लोगों ने सौंपा चालक को पुलिस के हवाले
घटना से आक्रोशित लोगों ने नाबालिग चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई और लोग स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
सवालों के घेरे में स्कूल प्रबंधन
इस हादसे ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना लाइसेंस के चालक को बस सौंपना एक गंभीर अपराध है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।