रामगढ़, झारखंड : युग पुरुष झारखण्ड अलग राज्य के अगुआ,पूर्व मुख्यमंत्री तथा राज्यसभा सदस्य जननायक दिशुम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर झारखण्ड पेंशनर कल्याण समाज, रामगढ़ जिला के कार्यालय अनुमंडल परिसर में शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सर्व प्रथम पेंशनरों द्वारा दिशुम गुरु के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण किया गया।
बोलते हुए जिला अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि दिशुम गुरु का जीवन आदिवासी ही नहीं बल्कि दबे कुचले, गरीबों सहित समस्त झारखंडी अस्मिता, अधिकार और सामाजिक उत्थान को समर्पित रहा है। 1947 के बाद दिशुम गुरु जी जैसा आदिवासियों के कोई नेता नहीं हुए। बिरसा मुंडा के बाद आदिवासी दिशुम गुरु को अपना मसीहा मानते हैं। शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष की मिसाल है।भले ही उनका नश्वर शरीर हमारे बीच नहीं है, पर प्रेरणा बन कर झारखंडियों के दिल में हमेशा रहेंगे।झारखंड उन्हें सदा सर्वदा आदर और गर्व के साथ याद करेगा।
शोक सभा के अंत में दो मिनट का मौन रख कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। आज की सभा में अध्यक्ष आशुतोष कु सिंह, उपाध्यक्ष वृंदावन सिंह, सचिव छोटू मोदी, दिलीप साहा, अशोक गुप्ता, दूधेश्वर महतो, सुधीर तिवारी, रामप्रसाद महतो, अर्जुन सिंह आदि उपस्थित थे।