सत्यपाल मलिक के आरोपों में कितनी सच्चाई है, क्या इसका जवाब मिलेगा ?

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नयी दिल्ली : दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कद्दावर जाट नेता तथा भाजपा नेता सत्यपाल मलिक का निधन हो गया। जम्मू काश्मीर के राज्यपाल पद समेत अनेक पदों पर स्व मलिक रहे थे। वे भाजपा के उत्तर प्रदेश के दमदार नेता माने जाते थे। लेकिन जम्मू काश्मीर के राज्यपाल पद पर रहते हुये उनके रिश्ते भाजपा से खराब हो गये। बताया जाता है कि इसके पीछे जम्मू काश्मीर में एक टेंडर था। इस विवाद के बाद उनका तबादला वहां से कर दिया गया था। स्व मलिक ने खुल कर किसान आंदोलन का समर्थन किया था। साथ ही पहलवानों के सरकार से विवाद के दौरान उन्होंने पहलवानों का साथ दिया था। इसके बाद उन्हें सीबीआई के जांच के दायरे में लाया गया । सरकार के इस निर्णय का राजनैकि हलकों में काफी चर्चा हुई थी। अब मृत्यू से पूर्व उनका लिखा एक फेसबुक पोस्ट सामने आया है। जिसमें उन्होंने अपनी बातों को रखा है तथा केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाये हैं। इस फेसबुक पोस्ट की चर्चा पूरे देश में हो रही है। देश की जनता इन आरोपों की सच्चाई जानना चाहती है। अब देखना है कि केंद्र सरकार इन आरोपों का जवाब देती है या नहीं ?

मृत्यु से पूर्व सत्यपाल मलिक द्वारा लिखा गया फेसबुक पोस्ट

नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियों।
मैं पिछले लगभग एक महीने के करीब से हस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं।
परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। पता नहीं अब मेरे शरीर में कितने सांस बाक़ी है।
मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं-

जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें।

**जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बग़ैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया।

**फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा।

**पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है।

अब सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फ़साना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद ने निरस्त किया था ओर मैंने स्वयं प्रधानमंत्री जी को बताया था इस मामले में करप्शन है और प्रधानमंत्री को सच्चाई बताने के बाद मेरा तबादला कर दिया गया ओर बाद में यह टेंडर हुआ।

मैं सरकार को ओर सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं उस किसान कौम से हूं, ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं।

सरकार ने मुझे बदनाम करने में पुरी ताकत लगा दी, अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या।
हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज़ भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर) #SatyaPalMalik