रांची, झारखंड : झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह को आठ साल बाद जमानत पर रिहा किया गया। वे अपने चचेरे भाई व झरिया के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में 11 अप्रैल 2017 से जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोमवार शाम उन्हें रांची स्थित रिनपास से रिहा किया गया।
जमानत की शर्तों के तहत संजीव सिंह को फिलहाल धनबाद जाने की अनुमति नहीं है और वे रांची में ही रहेंगे। बताया जाता है कि संजीव सिंह अपनी विधायक पत्नी के आवास पर रांची में रहेंगे 21 मार्च 2017 को धनबाद के सरायढेला में हुई गोलीबारी में नीरज सिंह, उनके दो अंगरक्षक और एक ड्राइवर की हत्या कर दी गई थी, जिसमें संजीव सिंह मुख्य आरोपी बनाए गए थे। अब भी मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
पुराने घटनाक्रम :
21 मार्च 2017 — धनबाद के सरायढेला में नीरज सिंह और उनके तीन सहयोगियों की गोली मारकर हत्या।
11 अप्रैल 2017 — संजीव सिंह की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजा जाना।
2017-2024 — निचली अदालत और झारखंड उच्च न्यायालय में कई बार जमानत याचिकाएं खारिज।
2025 — सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चौधरी की दलील सुनकर खंडपीठ ने जमानत मंजूर की।
11 अगस्त 2025 — ट्रायल कोर्ट के आदेश के बाद रांची स्थित रिनपास से रिहाई, धनबाद प्रवेश पर अस्थायी रोक।