पीवीयूएनएल प्रबंधन विस्थापितों को योग्यता के आधार पर नियुक्ति दे, नहीं तो होगा आंदोलन : संघर्ष मोर्चा

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पतरातू (रामगढ़), झारखण्ड : पतरातू में पीवीयूएनएल परियोजना से प्रभावित 25 से 30 गांवों के विस्थापितों ने कंपनी प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए शीघ्र योग्यता के आधार पर नियुक्ति देने की मांग की है। रविवार को कटिया सरना स्थल स्थित काली मंदिर परिसर में विस्थापित एवं प्रभावित संघर्ष मोर्चा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता प्रदीप महतो ने की तथा संचालन किशोर कुमार महतो और प्रिय नाथ मुखर्जी ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पीवीयूएनएल द्वारा स्थायी प्रकृति के कार्यों में “बाहरी” लोगों की नियुक्ति की जा रही है, जबकि परियोजना से प्रभावित स्थानीय युवाओं को दरकिनार किया जा रहा है।

वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि कटिया टाउनशिप, हेसला पाइपलाइन और 12 गांवों की भूमि पर निर्मित डैम से विस्थापित सभी परिवारों को तत्काल कार्य में लिया जाए तथा छाई डैम से वंचित रह गए ग्रामीणों को भी नियुक्ति दी जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि मजदूरों को न्यूनतम वेतन प्रदान किया जाए और एनटीपीसी व भेल अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही अनियमितताओं को तत्काल दूर किया जाए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही विस्थापित एवं प्रभावित बेरोजगार युवाओं को काम पर नहीं रखा गया तो संघर्ष मोर्चा आंदोलन के लिए विवश होगा और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

बैठक में राजा राम प्रसाद, अब्दुल क्यूम अंसारी, अलीम अंसारी, सयुब अंसारी, विक्की मुंडा, संतोष उरांव, रिंकू देवी, अनीता देवी, किरण बाला, लक्ष्मी देवी, संतोष ठाकुर, रामकुमार सिंह, कृष्णा कुमार, सुमित कुमार, प्रकाश कुमार, सुबोध कुमार, अमरनाथ यादव, बीरबल मुंडा सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।