रामगढ, झारखंड : अजरबैजान से प्रत्यर्पित कुख्यात अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को झारखंड एटीएस ने बुधवार 27 अगस्त 2025 को रामगढ़ जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच रांची के धुर्वा स्थित एटीएस मुख्यालय लाया। अदालत से मिली अनुमति के बाद एटीएस ने उसे 6 दिनों के रिमांड पर लिया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी
रामगढ़ लाए जाने के बाद एटीएस को मयंक का न्यायिक रिमांड नहीं मिला था। इसके बाद झारखंड एटीएस ने रांची एटीएस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया, जहां से उसे 6 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
कई राज़ खोलने की संभावना
मयंक सिंह, एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू का सबसे करीबी सहयोगी रहा है। हथियारों की खरीद–फरोख्त और वित्तीय नेटवर्क को वही संचालित करता था। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान पूछताछ से गैंगस्टर अमन साहू के हथियार और आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।
झारखंड का पहला प्रत्यर्पित अपराधी
गौरतलब है कि मयंक सिंह झारखंड का पहला अपराधी है जिसे विदेश से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। राजस्थान का रहने वाला यह कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। सोशल मीडिया पर महंगे हथियारों और ऐशो-आराम भरी जिंदगी की तस्वीरें साझा कर वह सुर्खियों में रहता था। झारखंड पुलिस के अथक प्रयासों के बाद उसे अजरबैजान की राजधानी बाकू से गिरफ्तार कर भारत लाया गया।