धनबाद, झारखंड :धनबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने बुधवार (27 अगस्त 2025) को नीरज सिंह हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए झरिया के पूर्व विधायक संजिव सिंह समेत सभी 10 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
आठ साल पांच महीने बाद आया फैसला
21 मार्च 2017 को धनबाद के सरायढेला स्टील गेट के पास पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके पीए अशोक यादव, बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी और ड्राइवर घल्टू महतो की हत्या कर दी गई थी। नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह की शिकायत पर दर्ज मामले में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस ने जांच पूरी कर 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, लेकिन सबूतों के अभाव में केवल 10 पर ट्रायल चला।
बरी किए गए आरोपियों के नाम
अदालत ने निम्न आरोपियों को निर्दोष करार दिया:
संजीव सिंह – पूर्व विधायक, झरिया
जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह – झरिया
संजय सिंह – रंजय सिंह का भाई, निवासी माडा कॉलोनी, झरिया
कुर्बान अली उर्फ सोनू – निवासी सुल्तानपुर, यूपी (शूटर)
चंदन सिंह उर्फ रोहित उर्फ सतीश – निवासी बलिया, यूपी (शूटर)
शिबू उर्फ सागर सिंह – निवासी सुल्तानपुर, यूपी (शूटर)
पंकज सिंह – निवासी लंभुआ, सुल्तानपुर (शूटरों को बुलाने का आरोपी)
डबलू मिश्रा – निवासी समस्तीपुर, बिहार
विनोद सिंह – निवासी झरिया
रणवीर धनंजय सिंह उर्फ धनजी – निवासी सरायढेला, धनबाद
अदालत में सुरक्षा और माहौल
फैसले के दिन अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कोर्ट में केवल केस से जुड़े लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। न्यायालय खचाखच भरा हुआ था और आरोपियों के साथ उनके अधिवक्ता मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत
इससे पहले 8 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने संजीव सिंह को जमानत दी थी। अदालत ने स्वास्थ्य कारणों और सबूतों की कमी का हवाला दिया था। रांची स्थित रिनपास अस्पताल से उन्हें डिस्चार्ज किया गया, हालांकि उन पर धनबाद आने की पाबंदी लगी रही।
निष्कर्ष
आठ साल पांच महीने और छह दिन की लंबी सुनवाई, 408 तारीखें और 37 गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इसके साथ ही धनबाद का सबसे चर्चित हत्याकांड कानूनी रूप से निष्पादित हो गया।