जमीन घोटाला मामला : पूर्व मंत्री एनोस एक्का और पत्नी मेनन को 7-7 साल की सजा

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रांची, झारखंड : झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का को 15 साल पुराने बहुचर्चित जमीन घोटाले मामले में विशेष सीबीआई  कोर्ट ने दोषी ठहराया है। शनिवार 30 अगस्त 2025 को सुनाए गए फैसले में दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही एनोस और उनकी पत्नी पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, मेनन एक्का को 50 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना और तीन साल की अतिरिक्त कैद की सजा भी भुगतनी होगी। जुर्माना न भरने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास तय किया गया है।

अदालत ने इस मामले में एनोस एक्का और अन्य आरोपियों को आईपीसी  की धारा 193बी  के तहत दो साल की कठोर सजा भी सुनाई। रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात को पांच साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा मनीलाल महतो, ब्रजेश्वर महतो और अनिल कुमार फिरोज अख्तर को भी पांच-पांच साल की कैद और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भुगतना होगा। अन्य आरोपियों को चार साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया गया।

सीबीआई  की जांच में यह साबित हुआ कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने पद का दुरुपयोग कर सीएनटी  एक्ट का उल्लंघन करते हुए आदिवासी भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त की थी। इस पूरे खेल में तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी रांची के एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात ने भी सहयोग किया था। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन का लेन-देन फर्जी पते और कागजात के आधार पर किया गया।

एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर भी अवैध जमीनें खरीदी गई थीं। इनमें रांची के हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन शामिल है। ये खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी। कोर्ट ने सीबीआई  द्वारा प्रस्तुत सभी साक्ष्यों को मान्य मानते हुए सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।