रांची (झारखंड) : दक्षिण-पश्चिम मॉनसून-2025 ने रविवार, 13 अक्टूबर को झारखंड से औपचारिक रूप से विदाई ले ली। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष राज्य में मॉनसून का आगमन 17 जून को हुआ था। लगभग चार महीने तक सक्रिय रहने के बाद अब झारखंड में शुष्क मौसम की शुरुआत हो गई है।
मॉनसून की अवधि और वर्षा आँकड़े
मॉनसून की वास्तविक अवधि इस वर्ष 17 जून से 13 अक्टूबर (कुल 118 दिन) रही। इस दौरान झारखंड में औसतन 1243.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 1009.0 मिलीमीटर होती है। यानी इस बार राज्य में 23 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई, जो “अधिक वर्षा” की श्रेणी में आती है।
मौसम में बदलाव के संकेत
मॉनसून के प्रस्थान के साथ ही राज्य में अब शुष्क और धीरे-धीरे ठंडे मौसम की शुरुआत मानी जाती है। यह परिवर्तन खेती और फसल कटाई के मौसम पर भी प्रभाव डालता है। मॉनसून की विदाई के बाद अब राज्य में सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस की जाने लगी है।
वर्षा का वितरण
आंकड़ों के अनुसार, जून से सितंबर तक की अवधि के दौरान झारखंड में कुल वर्षा 1198.8 मिलीमीटर दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 1022.9 मिलीमीटर थी। इस तरह यह 17 प्रतिशत अधिक वर्षा भी सामान्य वर्षा की सीमा में रही। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में राज्य में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।