लापता सोनू कुमार राम के परिजनों से मिले कांके विधायक सुरेश बैठा, जल्द बरामदगी का दिया आश्वासन

Spread the love

रामगढ़, झारखंड :  रामगढ़ के कैंट क्वार्टर निवासी सोनू कुमार राम, जो कई दिनों से लापता हैं, उनके परिजनों से मिलने कांके विधायक माननीय सुरेश बैठा मंगलवार को रामगढ़ कैंट क्वार्टर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद अनुसूचित जाति समाज के दर्जनों महिला-पुरुषों ने विधायक को पूरी घटना की जानकारी दी।

घटना की विस्तृत जानकारी पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं अनुसूचित जाति उत्थान परिषद के वरिष्ठ नेता श्री मुन्ना पासवान ने विधायक को दी। उन्होंने बताया कि सोनू कुमार राम के लापता होने की घटना को एक महीना बीत चुका है, फिर भी अब तक उनकी बरामदगी नहीं हो पाई है।

विधायक ने अधिकारियों से की त्वरित बात

घटना की गंभीरता को देखते हुए विधायक सुरेश बैठा ने मौके पर ही रामगढ़ थाना प्रभारी विपिन कुमार पांडे को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। तत्पश्चात विधायक ने रामगढ़ डीएसपी और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार से भी फोन पर बात की और सोनू कुमार राम की शीघ्र बरामदगी का निर्देश दिया। विधायक ने कहा कि वे इस मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे ताकि सोनू कुमार राम की सुरक्षित घर वापसी जल्द से जल्द सुनिश्चित हो सके।

दलित समाज में नाराजगी

इस दौरान पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान ने कहा कि लगातार क्षेत्र में दलित समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में प्रशासन की निष्क्रियता से समाज में आक्रोश है। साथ ही उन्होंने कहा कि रामगढ विधायक व वर्तमान  जिला अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी  ममता देवी ने अब तक कोई पहल नहीं की जिससे दलित समाज में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को रामगढ़ विधानसभा में सबसे अधिक वोट दलित समाज से ही मिलता है ।  फिर भी दलित समाज को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।

अनुसूचित जाति परिषद ने उठाई आवाज़

परिषद के जिला अध्यक्ष अनिल नायक ने कहा कि दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं और प्रशासन मौन है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए घोषित क्षतिपूर्ति और मुआवजा भी सिर्फ कागजों में रह जाता है ।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग

इस मौके पर विधायक सुरेश बैठा, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान, अनुसूचित जाति उत्थान परिषद के जिला अध्यक्ष अनिल नायक, थाना प्रभारी विपिन कुमार पांडे, विजय राम, लाल बाबू राम, बबर राम, विक्की राम, भीमाराम समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।