रामगढ़, झारखंड : छोटी-छोटी बातों पर प्रभावशाली लोग अपने संबंधों का इस्तेमाल करते हुए बड़े अधिकारियों से पैरवी करवाते हैं, जिससे कई बार निर्दोष और सही लोग भी परेशानी का सामना करते हैं। ऐसा ही एक मामला हाल के दिनों में रामगढ़ शहर के झंडा चौक इलाके में सामने आया है, जहाँ एक निर्माणाधीन मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ।
जानकारी के अनुसार, कॉम्प्लेक्स के मालिक ने निर्माण के दौरान पुराने नाले को बंद कर दिया और अपने हिसाब से ऊंचा नाला बनवाया। इससे आसपास के घरों का पानी निकलना बंद हो गया और सड़क पर पानी बहने लगा। स्थानीय भवन मालिकों ने इसका विरोध किया और नाली को पहले की तरह बहाल करने की मांग की।
बताया जाता है कि कॉम्प्लेक्स निर्माण कराने वाले व्यक्ति ने अपने पुराने संबंधों के आधार पर झारखंड पुलिस के एक वरीय अधिकारी से पैरवी करवाई। रामगढ़ जिला में पदस्थपना के दौरान झारखंड के उक्त वरीय पदाधिकारी का मार्केटिंग कांप्लेक्स का निर्माण करा रहे व्यक्ति से काफी मधुर संबंध था। इसके बाद स्थानीय पुलिस द्वारा विरोध करने वाले व्यक्ति पर दबाव बनाया गया और कई बार थाने बुलाया गया। उक्त व्यक्ति ने बताया उसे अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी ।
पीड़ित व्यक्ति ने इस संबंध में छावनी परिषद, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर शिकायत की। शिकायत के बाद छावनी परिषद ने हस्तक्षेप करते हुए ऊँचा किए गए नाले को पूर्व स्थिति में बहाल करवाया।
वर्तमान में संबंधित कॉम्प्लेक्स का निर्माण कई तल्लों में किया जा रहा है, जबकि छावनी परिषद क्षेत्र में फिलहाल केवल G+1 (ग्राउंड प्लस वन) तक के भवनों के नक्शे ही अनुमोदित हैं। अधिक तल्लों का निर्माण अवैध माना जाता है।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बिना वास्तविक स्थिति की जानकारी लिए, पैरवी करने से आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। ऐसे में वरीय अधिकारियों को भी पैरवी करने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी लेनी चाहिए।