रामगढ़, झारखंड : घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में एक बार फिर बड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन पर दोबारा भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही झारखंड की राजनीति में घाटशिला सीट को लेकर हलचल तेज हो गई है।
यह वही सीट है, जहाँ पिछले विधानसभा चुनाव में बाबूलाल सोरेन को झामुमो उम्मीदवार रामदास सोरेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। उस चुनाव में रामदास सोरेन को 98,356 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 75,910 वोट प्राप्त हुए थे। झामुमो उम्मीदवार ने यह मुकाबला 22,446 मतों के अंतर से जीता था।
गौरतलब है कि हाल ही में झामुमो विधायक रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला सीट खाली हो गई थी। अब उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दोनों दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा ने बाबूलाल सोरेन को फिर से मैदान में उतारकर साफ कर दिया है कि वह इस सीट को झामुमो से छीनने के लिए पूरी ताकत झोंकने जा रही है।
वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से अभी तक उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी दिवंगत विधायक रामदास सोरेन के परिवार के किसी सदस्य को टिकट दे सकती है।
ऐसे में घाटशिला विधानसभा सीट पर एक बार फिर भाजपा के बाबूलाल सोरेन और झामुमो उम्मीदवार के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। यह मुकाबला न सिर्फ स्थानीय राजनीति बल्कि आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भी सियासी संकेत तय कर सकता है।