घाटशिला उपचुनाव 2025 : जेएमएम ने सोमेश सोरेन पर जताया भरोसा, पिता रामदास सोरेन की विरासत संभालने की जिम्मेदारी

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रांची, झारखंड : झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। पार्टी की केंद्रीय समिति ने दिवंगत विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है।

यह फैसला बुधवार को रांची में आयोजित जेएमएम की केंद्रीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस निर्णय के साथ ही घाटशिला सीट पर होने वाला उपचुनाव एक बार फिर भावनात्मक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टि से बेहद अहम हो गया है।

पिता की विरासत संभालने की चुनौती

पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन घाटशिला विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके थे और क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ थी। उनके असमय निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी। अब पार्टी ने उनके पुत्र सोमेश सोरेन को टिकट देकर उनके अधूरे कार्यों और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सहानुभूति लहर और संगठन की सक्रियता

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिवंगत विधायक रामदास सोरेन के निधन के बाद क्षेत्र में सहानुभूति की लहर बनी हुई है। जेएमएम इस भावना को संगठनात्मक मजबूती में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी ने बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है और प्रचार अभियान की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।

बीजेपी से बाबूलाल सोरेन देंगे टक्कर

इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में घाटशिला उपचुनाव एक बार फिर सोरेन बनाम सोरेन की दिलचस्प लड़ाई में तब्दील होता नजर आ रहा है।

राजनीतिक माहौल को देखते हुए घाटशिला का यह उपचुनाव न केवल कोल्हान क्षेत्र बल्कि पूरे झारखंड की राजनीति के लिए अहम संकेत देने वाला साबित हो सकता है। झामुमो के लिए यह चुनाव सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि रामदास सोरेन की राजनीतिक विरासत को सहेजने की लड़ाई भी है।