पीवीयूएनएल पतरातू का श्रेय लेने देने की होड़ : भाजपा में खींचतान तेज, जयंत सिन्हा और मनीष जायसवाल आमने-सामने

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रामगढ़, झारखंड : पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) की एक यूनिट के वाणिज्यिक उत्पादन की घोषणा होते ही भाजपा में इस उपलब्धि का श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है। इसी मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा तथा हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के समर्थकों के बीच स्पष्ट खींचतान दिखने लगी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का कहना है कि उनके कार्यकाल में पतरातू परियोजना के पुनरुद्धार की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसका परिणाम आज सामने है। इसी संदर्भ में उन्होंने 10 नवंबर 2025 को संयंत्र के निरीक्षण की घोषणा भी की थी।

हालाँकि, सिन्हा के निरीक्षण से पहले ही सोमवार को सांसद मनीष जायसवाल, बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी के साथ PVUNL प्लांट पहुँचे और निरीक्षण के साथ पतरातू व रामगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जायसवाल ने प्लांट निर्माण का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।

इसके बाद जयंत सिन्हा ने भी संयंत्र का निरीक्षण किया और कहा कि प्लांट शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने भी परियोजना का श्रेय रघुवर दास और प्रधानमंत्री मोदी को दिया।

बीते कुछ समय से जयंत सिन्हा की क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता—हजारीबाग में अस्पताल खोलने, गिद्दी दामोदर पुल के मुद्दे और अब PVUNL प्लांट—भाजपा के अंदर चर्चा का प्रमुख कारण बन गई है। उनके पुराने समर्थकों की दोबारा सक्रियता भी साफ दिख रही है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आने वाले दिनों में जयंत सिन्हा की यह सक्रियता भाजपा के भीतर खींचतान को और बढ़ा सकती है।