चारु घाटी (कुल्ही) को मौत की घाटी नहीं बनने देंगे : चंद्र प्रकाश चौधरी

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निरीक्षण में मिली गंभीर लापरवाही, एनएचएआई अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम

रामगढ़, झारखंड  :  भारत माला परियोजना के तहत ओरमांझी से जैनामोड़ फोर-लेन सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसी के फेज–2 के अंतर्गत ओरमांझी से गोला के बीच स्थित चारु–कुल्ही घाटी में सोमवार को सड़क निर्माण एवं पहाड़ कटाई कार्य का औचक निरीक्षण संसद चंद्र प्रकाश चौधरी द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि पहाड़ कटाई का मैनुअल पूरी तरह गलत है तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के मानकों का गंभीर उल्लंघन कर कार्य किया जा रहा है। इससे भविष्य में बड़े हादसों की संभावना जताई गई है।

निरीक्षण के बाद परियोजना अधिकारियों के साथ बैठक की गई, जिसमें संसद द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर एनएचएआई और परियोजना के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य को नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए। अधिकारीयों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि जिस प्रकार चुटुपालु घाटी में गलत निर्माण के कारण प्रतिदिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, वैसा चारु घाटी में बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा।

अधिकारीयों को यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि यदि निर्धारित समय सीमा में सुधारात्मक पहल नहीं की गई तो स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से कार्य को पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुल्ही चौक में आवागमन के लिए बनाया गया अंडरपास गलत स्थान पर बनाया गया है और निर्माण मानकों पर खरा नहीं उतरता। ग्रामीणों की सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा सर्विस रोड से फोर-लेन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए अंडरपास को सही स्थान पर पुनर्निर्माण करने का भी निर्देश संसद द्वारा दिया गया।

स्थानीय लोगों ने भी घाटी में हो रहे निर्माण कार्य पर चिंता व्यक्त की है और उम्मीद जताई है कि परियोजना जल्द सुधार कर सुरक्षित और मानक के अनुरूप सड़क निर्माण सुनिश्चित करेगी।