रामगढ़, झारखंड : राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सोमवार को सूचना भवन, रामगढ़ में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. प्रभात शंकर की अध्यक्षता में विशेष कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता की जिम्मेदारियों, बदलते मीडिया परिदृश्य और भ्रामक सूचनाओं की बढ़ती चुनौती के बीच प्रेस की विश्वसनीयता बनाए रखने पर गंभीर चर्चा करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत सच्ची पत्रकारिता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले दिवंगत पत्रकारों को 1 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई।
इस अवसर पर प्रेस क्लब रामगढ़ के अध्यक्ष श्री बीरू कुमार, मीडिया प्रतिनिधि श्री मनोज मिश्रा, श्री उमेश सिन्हा, श्री नंदकिशोर अग्रवाल, श्री धर्मेंद्र पटेल, श्री स्वामी नंदन, श्री दूर्वेज आलम, श्री योगेंद्र सिन्हा, श्री राजेश राय सहित अन्य कई पत्रकारों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस पत्रकारों को सत्य, निष्पक्षता और जनहित आधारित पत्रकारिता के प्रति पुनः समर्पित होने का अवसर प्रदान करता है।
वक्ताओं ने ‘बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण’ विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि डिजिटल युग में फेक न्यूज और अधूरी सूचनाओं की चुनौती तेजी से बढ़ी है, ऐसे में तथ्य-आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता बेहद आवश्यक है।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. प्रभात शंकर ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया चौथा स्तंभ है, और उसकी विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है जब सूचना संकलन से लेकर प्रकाशन तक हर स्तर पर सत्यता और नैतिकता का पालन किया जाए। उन्होंने मीडिया और प्रशासन के बीच समन्वय को जनहित में सही और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यशाला में पत्रकारों ने स्रोतों की विश्वसनीयता, तथ्य-परक रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों और मीडिया नैतिकता पर विस्तार से चर्चा की। प्रेस परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का संचालन, स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री शशांक शेखर मिश्र ने किया।
इस अवसर पर सोशल मीडिया एवं पब्लिसिटी ऑफिसर श्री विक्रम सोनी, लिपिक श्रीमती सुनीता कुमारी, स्वागतकर्मी श्री नीतीश कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर श्री मजहरूल हक सहित अन्य उपस्थित रहे।