रामगढ़, झारखंड : धनबाद और पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की व्यापक छापामारी के बाद रामगढ़ जिले में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार का गढ़ माना जाने वाला रामगढ़ अचानक सतर्क मोड में आ गया। ईडी की कार्रवाई की खबर फैलते ही जिले के कुख्यात अवैध कोयला कारोबारियों से लेकर संबंधित सरकारी महकमों तक में हलचल तेज हो गई।
सूत्रों की मानें तो रामगढ़ में अवैध कोयले का खेल वर्षों से चल रहा है, जिसमें रेलवे साइडिंग के जरिए खपत से लेकर रैक में चारकोल मिलाकर भेजने तक का पूरा नेटवर्क सक्रिय है। शुक्रवार को धनबाद और पश्चिम बंगाल में ईडी की दबिश पड़ते ही रामगढ़ में इससे जुड़े लोगों के बीच कागजात और नकदी सुरक्षित करने की होड़ मच गई।
बताया जा रहा है कि जिला में अवैध कोयला के कारोबार को संचालित करने वाले विभाग से लेकर अन्य संबद्ध इकाइयों तक में भी बेचैनी देखी गई। जिला समाहरणालय के आसपास अगर “भारत सरकार” लिखा कोई वाहन दिख जाता, तो अधिकारियों की निगाहें उसी पर टिक जातीं। कई जिला पदाधिकारियों ने अपने मातहतों को सतर्क रहने और संवेदनशील सामग्री तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
सूत्रों के अनुसार रामगढ़ जिला भी जांच के दायरे में है, और राज्य के किसी भी हिस्से में कार्रवाई होते ही यहां के अवैध कारोबारियों का नेटवर्क तुरंत सक्रिय होकर बचाव मोड में चला जाता है। ईडी की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर रामगढ़ के अवैध कोयला कारोबार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।