रांची, झारखंड : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को राजधानी रांची समेत मुंबई और सूरत में प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट नरेश केजरीवाल से जुड़े ठिकानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। विदेशी निवेश और संदिग्ध फंड मूवमेंट से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत की गई है। झारखंड में FEMA के तहत यह पहली बड़ी रेड मानी जा रही है, जिसके बाद कारोबारी जगत में हलचल बढ़ गई है।
छापेमारी का दायरा बड़ा, 15 स्थानों पर एक साथ दबिश
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमों ने रांची, मुंबई और सूरत में कुल 15 लोकेशनों पर छापेमारी की है। इनमें नरेश केजरीवाल का निजी आवास, परिवार के सदस्यों से जुड़े पते, कारोबारी परिसर और उनसे जुड़े सहयोगियों के कार्यालय शामिल हैं। टीमें सभी जगहों से दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, लैपटॉप और वित्तीय लेन-देन से संबंधित कागजात खंगाल रही हैं।
रांची में ऑफिस बंद मिला, परिसर की जांच शुरू
रांची के चर्च कॉम्प्लेक्स स्थित उनके कार्यालय पर जब ईडी का काफिला पहुंचा तो ऑफिस बंद मिला। अधिकारी कुछ देर तक ऑफिस खुलने का इंतजार करते रहे। इस बीच टीम ने परिसर में मौजूद उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी।
विदेशी निवेश और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर फोकस
ED की इस कार्रवाई का केंद्रबिंदु नरेश केजरीवाल द्वारा कथित रूप से दुबई और अमेरिका तक किए गए निवेश और विदेशी फंड के प्रवाह से जुड़ी जानकारियाँ हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार कई संदिग्ध लेन-देन के दस्तावेज रेड में मिले हैं, जिन्हें एजेंसी गहराई से खंगाल रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह छापेमारी ?
झारखंड में FEMA के तहत ईडी की पहली बड़ी कार्रवाई
विदेशी निवेश के जरिये संदिग्ध फंड डायवर्जन की जांच
बड़े कारोबारी समूहों में बढ़ी चिंता और सतर्कता
ईडी अभी दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल कर रही है। आगे की कार्रवाई मिली जानकारी और बरामद रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी।