लैंड फॉर जॉब केस : अब 8 दिसंबर को आयेगा फैसला, बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

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नयी दिल्ली / पटना ( बिहार ) :  रेलवे में “नौकरी के बदले जमीन” देने के कथित घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिजनों को फिलहाल राहत मिली है। 4 दिसंबर को आने वाला फैसला टल गया, और अब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 8 दिसंबर 2025 को निर्णय सुनाएगी। इस बीच, बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है।

यह मामला उस अवधि से जुड़ा है, जब 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर क्षेत्र में ग्रुप-D पदों पर हुई कई नियुक्तियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों ने जमीन के टुकड़े लालू परिवार या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर ट्रांसफर किए। सीबीआई का कहना है कि नियुक्तियाँ बिना निर्धारित प्रक्रिया के की गईं और कई लेनदेन बेनामी तौर पर हुए।

सीबीआई की चार्जशीट में सौ से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है। कई मामलों में जमीन की रजिस्ट्री और नियुक्ति पत्र की तारीखों के बीच सीधे संबंध का दावा किया गया है। वहीं दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सभी आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते रहे हैं।

अदालत में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की ‘स्थिति रिपोर्ट’ (स्टेटस) स्पष्ट न होने के कारण फैसला आगे बढ़ा दिया गया। जांच एजेंसी को इन आरोपियों के संबंध में अद्यतन जानकारी कोर्ट को देनी है, जिसके बाद अगली सुनवाई होगी।

राजनीतिक तौर पर यह मामला बेहद संवेदनशील है। लालू परिवार के लिए यह कानूनी परीक्षा का अहम दौर है, जबकि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें 8 दिसंबर को आने वाले फैसले पर टिकी हैं।