रामगढ़, झारखंड : बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड (बीएफसीएल) के मरार औद्योगिक क्षेत्र स्थित संयंत्र से फैल रहे कथित प्रदूषण के विरोध में रविवार 14 दिसंबर २०२५ को रामगढ़ शहर में जनाक्रोश देखने को मिला। रांची रोड से नयीसराय तक “फाइट अगेंस्ट पॉल्यूशन ऑफ़ बीएफसीएल” के बैनर तले शांतिपूर्ण पदयात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
पदयात्रा में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, युवा, दिव्यांगजन सहित समाज के हर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बीएफसीएल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि संयंत्र से फैल रहा प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से विरोध और शिकायतों के बावजूद संयंत्र प्रबंधन एवं संबंधित विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पिछले एक वर्ष से सांसद, विधायक, नगर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित विभिन्न मंचों पर अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें प्रदूषण से राहत नहीं मिली। इसी कारण अपने अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान यह चेतावनी भी दी गई कि यदि बीएफसीएल ने प्रदूषण पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण नहीं किया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा न्यायालय की शरण ली जाएगी। लोगों ने झारखंड सरकार, भारत सरकार, रामगढ़ जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक एवं कारगर पहल की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह पदयात्रा किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि सर्व समाज—पुरुष, महिला, बच्चे और बुजुर्ग—द्वारा जहरीले प्रदूषण के विरुद्ध एक सांकेतिक युद्ध है। जनता को उम्मीद है कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचेगी और जनहित में ठोस कार्रवाई होगी।