मांडू (रामगढ़), झारखंड :सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मांडू में सोमवार को चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिलीप कुमार ने की, जबकि मांडू की चिकित्सा प्रभारी डॉ. रश्मि रोमिला सांगा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन चिकित्सा प्रभारी को सौंपते हुए बताया कि आए दिन मरीजों और उनके परिजनों द्वारा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों पर बेबुनियाद आरोप लगाए जाते हैं, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों ने पूर्व एएनएम पर भी गलत आरोप लगाकर प्रताड़ित किए जाने का मामला उठाया।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि कई बार मरीजों के परिजन ओपीडी में जबरन घुसकर मनमानी करते हैं और कर्मचारियों को धमकाते हैं। इससे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असहजता महसूस कर रहे हैं।
सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। मौके पर मौजूद चिकित्सा प्रभारी डॉ. रश्मि रोमिला सांगा ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा दिया गया आवेदन रामगढ़ उपायुक्त और सिविल सर्जन को अग्रसारित किया जाएगा।
स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला मुख्यालय से मांग की कि अस्पताल में 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भयमुक्त वातावरण में मरीजों का उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बढ़ती हिंसा की घटनाओं से डॉक्टरों और कर्मचारियों में भारी रोष है।
बैठक में डॉ. मनीषा, डॉ. मणितोष, डॉ. विकाश, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. जेनी सिंह, डॉ. शोभा, डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. अभिनव कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।