नोवामुंडी / चाईबासा, (पश्चिमी सिंहभूम), झारखंड : पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार 6 जनवरी 2026 की देर रात नोवामुंडी प्रखंड के बड़ापासेया और बवाडिया गांव में जंगली हाथियों के हमले में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और गांवों में शोक व्याप्त है।
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
सबसे हृदयविदारक घटना बवाडिया गांव की है, जहां जंगली हाथी के हमले में एक ही परिवार के चार लोगों—पति, पत्नी और उनके दो मासूम बच्चों—की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हमले से ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
चार ग्रामीण गंभीर रूप से घायल
इसी दौरान हुए हमले में चार अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सियालजोड़ गांव में सुबह फिर हमला, दो घायल
बुधवार सुबह हाटगमहरिया प्रखंड के सियालजोड़ गांव में एक और हाथी ने आतंक मचाया। घर के आंगन में आग ताप रहे दो लोगों पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों की पहचान टिपिरिया हेंब्रम (45 वर्ष), पति–गम हेंब्रम, खुरपा हेंब्रम (9 वर्ष), पिता–नाजिर हेंब्रम के रूप में की गयी है ।
ग्रामीणों की मदद से दोनों को हाटगमहरिया प्रखंड अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की पुष्टि, वन विभाग अलर्ट
घटना की पुष्टि वनरक्षी अमित महतो, जेटेया ग्राम पंचायत के मुखिया संजीत तिरिया और पंचायत समिति सदस्य दीपा गोप ने की है। बताया गया कि देर रात जंगली हाथी रिहायशी इलाके में घुस आया और घरों में सो रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया।
ग्रामीणों में भय, वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग
लगातार हो रहे हाथी हमलों से आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से उपद्रवी हाथी को जल्द पकड़ने या उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में खदेड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जान-माल का नुकसान और बढ़ सकता है।