रामगढ, झारखंड : झारखंड के रामगढ़ जिले में पंजाबी हिन्दू बिरादरी, रामगढ़ के तत्वावधान में मंगलवार देर शाम माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में सांझी लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे जिले से बड़ी संख्या में पंजाबी परिवार, महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए।
सांझी लोहड़ी की रस्म की शुरुआत बिरादरी के अध्यक्ष सूरत चन्द्र वासुदेव एवं महासचिव महेश मारवाह द्वारा पारंपरिक रूप से लकड़ी जलाकर अग्नि देव की पूजा-अर्चना से की गई। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने लोहड़ी की अग्नि में काला तिल, चूड़ा और मूंगफली अर्पित कर परिक्रमा करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए महासचिव महेश मारवाह ने बताया कि सांझी लोहड़ी का अर्थ सामूहिक लोहड़ी होता है, जो पंजाब का एक प्राचीन और सांस्कृतिक पर्व है। उन्होंने कहा कि लगभग 27 वर्ष पूर्व पंजाबी हिन्दू बिरादरी रामगढ़ ने इस परंपरा की शुरुआत की थी, ताकि सभी परिवार एक स्थान पर एकत्र होकर अपनी खुशियां साझा कर सकें।
उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान जिन परिवारों में शादी-विवाह या नवजात शिशुओं का जन्म हुआ है, वे परिवार स्वेच्छा से इस आयोजन में आर्थिक योगदान देते हैं। इस वर्ष बिरादरी के चार परिवारों में नवजात शिशुओं का जन्म हुआ है, जिनमें राजभूषण धमीजा, संजीव चड्डा, रमण मेहरा और विनोद सोबती के परिवार शामिल हैं।
इस अवसर पर मोहित धमीजा व चांदनी धमीजा, शिवम चड्डा व निशा चड्डा, तथा लोकेश सोबती व मनीषा सोबती को बिरादरी के बुजुर्गों द्वारा माता वैष्णो देवी के प्रसाद स्वरूप चुन्नी, नारियल, श्रीमद्भागवत गीता एवं 101 रुपये भेंट कर आशीर्वाद दिया गया। वहीं रामगढ़ से बाहर होने के कारण सौरभ मेहरा व निशा मेहरा की ओर से उनके माता-पिता रमण मेहरा एवं नीता मेहरा को भी यही प्रसाद प्रदान किया गया।
आशीर्वाद देने वालों में अध्यक्ष एस.सी. वासुदेव, महासचिव महेश मारवाह, मनजीत साहनी, सुशील खोसला, सुभाष चन्द्र मारवाह, नरेश चन्द्र मारवाह, सुरेन्द्र सोबती, राजीव चड्डा, अजीत अग्रवाल, प्रवीण शर्मा, विजय सोबती, वीणा मारवाह और जनक रानी शर्मा शामिल रहे।
सांझी लोहड़ी समारोह सौहार्द, सांस्कृतिक एकता और पारिवारिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।