पूर्व विधायक शंकर चौधरी का गंभीर आरोप, रामगढ़ (झारखंड) में प्रदूषण व केसर-ए-हिंद जमीन को लेकर प्रशासन पर साधा निशाना

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रामगढ़ (झारखंड) :  झारखंड के रामगढ़ कैंट में पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला प्रशासन और प्रदूषण विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रामगढ़ जिला (झारखंड) में औद्योगिक प्रदूषण और केसर-ए-हिंद जमीन पर अवैध कब्जा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।

शंकर चौधरी ने बताया कि उन्होंने 05 जनवरी 2026 को बीएफसीएल (BFCL) से जुड़े प्रदूषण के मामले में उपायुक्त को पत्र लिखकर स्वयं निरीक्षण करने का आग्रह किया था, लेकिन न तो निरीक्षण हुआ और न ही पत्र का कोई जवाब दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारीबाग (झारखंड) स्थित प्रदूषण विभाग के अधिकारी रामगढ़ जिले (झारखंड) के कारखानों का निरीक्षण नहीं करते, बल्कि अवैध वसूली में लगे रहते हैं।

पूर्व विधायक ने कहा कि जिले के कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों से भारी प्रदूषण फैल रहा है, जिससे आम जनता का स्वास्थ्य खतरे में है। उन्होंने BFCL के साथ-साथ

नानक फेरो एलॉय प्रा. लि.

कलकत्ता कार्बाइड प्रा. लि.

वैष्णवी इंगोट प्रा. लि.

जैसे कारखानों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।

शंकर चौधरी ने लोहार टोला, रामगढ़ (झारखंड) में केसर-ए-हिंद जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब तीन एकड़ जमीन पर दबंगों द्वारा बड़े-बड़े भवन खड़े कर दिए गए हैं और लाखों रुपये का अवैध किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना वैध कागजात और नक्शा पास कराए इतने बड़े निर्माण कैसे हो गए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे 31 जनवरी 2026 को उपायुक्त कार्यालय, रामगढ़ (झारखंड) के मुख्य द्वार की सीढ़ीयों पर अकेले बिना किसी बैनर पोस्टर के शांतिपूर्ण धरना देंगे। शंकर चौधरी ने कहा कि केसर-ए-हिंद जमीन पर सिर्फ बुलडोजर चलाना काफी नहीं, बल्कि अवैध कब्जा करने वालों और संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकर चौधरी के साथ प्रकाश मिश्रा, रविंद्र शर्मा, दिलीप सिंह, चरण केवट, सुनील महतो, अभय सिंह, भगवान साव, कमलनाथ महतो, लक्ष्मी देवी सहित अन्य लोग मौजूद थे।