बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (BFCL) ने प्रशिक्षण और जागरूकता सत्रों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को किया सशक्त

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• पर्यावरण के क्षेत्र में कर रहा है निरंतर काम

रामगढ़, झारखंड : औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को नई ऊंचाई प्रदान करते हुए, बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (BFCL) ने अपने ‘हरित भविष्य’ रोडमैप के तहत एक व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। कंपनी का मानना है कि केवल तकनीक के माध्यम से नहीं, बल्कि जागरूक कार्यबल और सामूहिक भागीदारी के जरिए ही पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है।

‘ग्रीन माइंडसेट’ : प्रशिक्षण से परिवर्तन की ओर

BFCL ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति और अधिक संवेदनशील बनाना है। इन सत्रों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

• तकनीकी प्रशिक्षण: उत्सर्जन को न्यूनतम स्तर पर रखने के लिए इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर्स (ESP) और डस्ट कैचर जैसी आधुनिक प्रणालियों के सटीक संचालन का प्रशिक्षण।

• संसाधन प्रबंधन: जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन (RWH) के महत्व और कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए जागरूकता सत्र।

• सामुदायिक नेतृत्व: कर्मचारियों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे न केवल संयंत्र के भीतर, बल्कि समाज में भी पर्यावरण दूत के रूप में कार्य करें।

मजबूत आधार : 2025 की उपलब्धियां

जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान कंपनी ने वर्ष 2025 में हासिल किए गए ठोस परिणामों को भी साझा किया, जो इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं:

• प्रदूषण नियंत्रण: धूल और उत्सर्जन को रोकने के लिए 5 एंटी-स्मॉग गन, 14 डस्ट कैचर और 67 वॉटर स्प्रिंकलर की तैनाती।

• पारदर्शिता और निगरानी: आम जनता के लिए BFCL तालाब, DC कार्यालय और अन्य प्रमुख स्थानों पर रीयल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (CAAQMS) की स्थापना।

• प्राकृतिक संतुलन: 3.50 हेक्टेयर क्षेत्र में 839 देशी पौधों का सफल रोपण और 54,600 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले तालाब के जरिए जल संरक्षण।

2026 का लक्ष्य : “1,200 पौधों का संकल्प”

अपने जागरूकता अभियान को धरातल पर उतारते हुए, BFCL ने वर्ष 2026 में 1,200 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत प्रत्येक माह 100 पौधे लगाए जाएंगे। इसी क्रम में 10 जनवरी 2026 को एक विशेष पौधारोपण सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षित कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 50 से अधिक पौधे लगाए।

बीएफसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा: “औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हमारे प्रशिक्षण सत्रों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे संगठन का प्रत्येक सदस्य पर्यावरणीय मानकों को केवल एक नियम के रूप में नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य के रूप में स्वीकार करे।”

बीएफसीएल के बारे में

बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड एक प्रमुख औद्योगिक इकाई है जो सतत विकास और तकनीकी नवाचार के समन्वय में विश्वास रखती है। कंपनी निरंतर प्रशिक्षण और अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से एक सुरक्षित और हरित भविष्य की ओर अग्रसर है।