नई दिल्ली : भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद भवन में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया, यह उनका लगातार नौवां बजट है और संभवतः आजाद भारत के इतिहास में पहली बार बजट रविवार के दिन पेश किया गया है।
बजट पेश करते हुए सीतारमण ने सरकार की आर्थिक दिशा और विकास योजनाओं का विस्तृत रोप-मैप साझा किया। उन्होंने कहा कि बजट का लक्ष्य विकसित भारत की ओर तेज गति से अग्रसर होना है, जिसमें आधारभूत ढांचा, टेक्नोलॉजी, विनिर्माण और सामाजिक कल्याण पर बल दिया गया है।
मुख्य घोषणाओं में शामिल हैं:
• बायोफार्मा शक्ति (BioPharma Shakti) कार्यक्रम — अगले 5 वर्षों में लगभग ₹10,000 करोड़ के निवेश के साथ भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य।
• ₹12.2 लाख करोड़ का पूंजी व्यय (Capex) — सार्वजनिक पूंजीगत खर्च का बड़ा विस्तार, जो बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।
• रेयर अर्थ कॉरिडोर और ISM 2.0 — उच्च तकनीक विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को समर्थन देने के लिए नई पहलें।
• MSME विकास को प्रोत्साहन — ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड और उद्यमों के लिए अन्य सहयोग योजनाएं।
• 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर — देश के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित।
• आयकर स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन टैक्स प्रक्रियाओं में सरलता और कई प्रशासनिक सुधार किए गए।
• बजट में महिला शिक्षा, अनुसंधान, कृषि, पर्यटन और स्मार्ट शहरों जैसे क्षेत्रों के लिए भी विशेष प्रावधान शामिल हैं।
फिनांस सेक्टर और कर नीतियों पर प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली हैं, जहाँ विशेषज्ञों ने कुछ क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद जताई है और विपक्ष ने कुछ घोषणाओं को पर्याप्त राहत न देने वाली बताया है।
मुख्य आर्थिक और नीति-संबंधी घोषणाएं :
• भारत विस्तार (Bharat Vistar): बजट में एक बहुभाषी AI आधारित कृषि सहायता उपकरण ‘भारत विस्तार’ का प्रस्ताव रखा गया है। यह कृषि ज्ञान, मौसम और निर्णय समर्थन को किसानों तक उनकी मातृभाषा में पहुँचाने का लक्ष्य रखता है, जिससे कृषि उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
• पूंजीगत व्यय में बड़ा बढ़ावा: अगले वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय लगभग ₹12.2 लाख करोड़ रखने का प्रस्ताव, जो बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन को मजबूत करेगा।
• मूलभूत ढांचे की मजबूती: सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नई राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजनाएँ, और नए माल कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर जोर।
• MSME और उद्योग: छोटे और मझोले उद्यमों के लिए ₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund, श्रम-संबन्धी नियमों में सरलता और “Corporate Mitras” जैसे कदमों के साथ विकास को समर्थन।
• निर्माण और विनिर्माण: बायो-फार्मा शक्ति कार्यक्रम के तहत ₹10,000 करोड़ निवेश, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का विस्तार, और इलेक्ट्रॉनिक्स घटक निर्माण को बढ़ावा।
• वित्तीय संरचना और सुधार: बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा हेतु उच्च-स्तरीय समिति का गठन, बॉन्ड मार्केट सुधार, और शहरी वित्त के लिए प्रोत्साहन।
फोकस क्षेत्र:
बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, मैन्युफैक्चरिंग, आधारभूत ढांचा, तकनीकी नवाचार और सामाजिक कल्याण पर समान रूप से ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को गतिशील बनाना और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्रदान करना बताया गया है।