नई दिल्ली : देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की तैयारियां शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है। यह प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है।
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार एसआईआर के तहत मतदाता सूची का व्यापक और गहन पुनरीक्षण किया जाएगा, जिसमें
नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे,
मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे,
स्थानांतरित (शिफ्ट हो चुके) मतदाताओं के नाम हटाए या स्थानांतरित किए जाएंगे,
तथा नाम, पता, उम्र व अन्य विवरणों में मौजूद त्रुटियों को सुधारा जाएगा।
आयोग ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि वे फील्ड स्तर पर तैयारियां तेज करें, ताकि एसआईआर की प्रक्रिया समय पर और पारदर्शी ढंग से पूरी की जा सके।
बूथ स्तर पर होगी गहन जांच
एसआईआर के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर सत्यापन कर सकते हैं। मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से पहचान और पते की पुष्टि कराई जाएगी। इसके साथ ही डिजिटल माध्यमों से भी सुधार और दावे–आपत्तियां दर्ज कराने की सुविधा दी जाएगी।
चुनाव आयोग का उद्देश्य
चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम ही दर्ज रहें, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जी नामांकन या दोहरी प्रविष्टियों की संभावना समाप्त की जा सके।
सूत्रों के अनुसार, आयोग एसआईआर प्रक्रिया के लिए अलग-अलग चरणों में समय-सारिणी जारी करेगा, जिसमें दावा-आपत्ति की तिथि, सत्यापन अवधि और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख शामिल होगी।
चुनाव आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सूचना, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग की विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।