झारखंड : हज़ारीबाग़ के बड़कागांव में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर पर चला बुलडोजर, खनन क्षेत्र से हटाया गया अतिक्रमण

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हजारीबाग / बड़कागांव (झारखंड) : झारखंड के हज़ारीबाग़ जिले के बड़कागांव क्षेत्र में गुरुवार को जिला प्रशासन औरनेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) प्रबंधन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के आवास को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल और दंडाधिकारियों की उपस्थिति में की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस भूमि पर यह मकान बना हुआ था, वह पहले से खनन कार्य के लिए अधिग्रहित और आवंटित की जा चुकी थी। कोयला उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए क्षेत्र को खाली कराना आवश्यक बताया गया। कार्रवाई के दौरान पोकलेन मशीनों की सहायता से पूरे भवन को गिरा दिया गया।

इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर विवाद भी सामने आया है। पूर्व मंत्री की पुत्री और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा  प्रसाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद जल्दबाजी में कार्रवाई की गई और परिवार को पर्याप्त समय या मुआवजा नहीं दिया गया। उनका यह भी दावा है कि कार्रवाई के समय उनकी माता घर के अंदर मौजूद थीं।

वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस देकर भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आदेश का पालन नहीं होने पर यह कदम उठाना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है और खनन परियोजना को सुचारु रूप से संचालित रखने के लिए यह आवश्यक था।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में एनटीपीसी और स्थानीय पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हाल ही में कंपनी के कर्मचारियों और वाहनों पर हमले की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई थी। इसी बीच प्रशासन ने सतर्कता के साथ यह अभियान चलाया।

पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस कार्रवाई को कानून का उल्लंघन बताते हुए न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है, जबकि प्रशासन अपने निर्णय को पूरी तरह वैध और आवश्यक बता रहा है।