कोलकाता / रांची : कोल् इंडिया लिमिटेडने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए एक बड़ा राहतभरा निर्णय लिया है। कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में तय किया गया कि कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति अब वास्तविक खर्च के आधार पर की जाएगी। इस फैसले से हजारों कोलकर्मियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत टाटा मेमोरियल हॉस्पिटलऔर नेशनल कैंसर सेंटर में इलाज कराने वाले कर्मचारियों को विशेष सुविधा मिलेगी। इन संस्थानों में कराए गए कैंसर उपचार का पूरा खर्च कंपनी द्वारा वापस किया जाएगा। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि ये देश के प्रमुख कैंसर उपचार केंद्रों में शामिल हैं।
जारी आदेश के अनुसार इस योजना में कैंसर उपचार से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाओं को शामिल किया गया है। इसमें डॉक्टर परामर्श, जांच, इमेजिंग, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। इससे मरीजों को इलाज के हर चरण में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
हालांकि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। इलाज संबंधित अस्पताल द्वारा प्रमाणित होना चाहिए और स्वीकृत ऑन्कोलॉजी प्रोटोकॉल के तहत किया जाना आवश्यक होगा। इसके बाद ही खर्च की प्रतिपूर्ति की जाएगी, जिससे उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
यह सुविधा केवल कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके आश्रितों को भी इसका लाभ मिलेगा। मेडिकल अटेंडेंस नियमों और सीपीआरएमएसई योजना के अंतर्गत आने वाले लोग भी इस योजना के पात्र होंगे।
कैंसर जैसे गंभीर और महंगे इलाज में जहां मरीजों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, वहीं कोल इंडिया का यह निर्णय बड़ी राहत प्रदान करेगा। यह पहल कंपनी की कर्मचारी हितैषी सोच को दर्शाती है और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है।