रामगढ़, झारखंड : जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सरहुल पर्व पूरे उत्साह, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। जारा टोला, पारे टोला, मनुआ सहित पूरे जिले के सरना स्थलों पर सरना समिति के तत्वावधान में आयोजन किए गए।
इस अवसर पर सरना स्थल पर सबसे पहले ध्वज परिवर्तन की परंपरा निभाई गई, जो इस वर्ष तीसरी बार बदला गया। इसके बाद विधि-विधान के साथ सरना मां की पूजा-अर्चना की गई।
पूजा के दौरान गांव, समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। साथ ही प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष प्रार्थना की गई, जो सरहुल पर्व की प्रमुख विशेषता मानी जाती है।
पर्व में बड़ी संख्या में सरना समाज के लोग शामिल हुए। सभी ने पारंपरिक वेशभूषा और रीति-रिवाजों के साथ उत्साहपूर्वक इस प्रकृति पर्व को मनाया। पूरे क्षेत्र में उल्लास और सांस्कृतिक एकता का वातावरण देखने को मिला।