रामगढ़ (झारखंड): राष्ट्रीय स्तर की एंड्योरेंस साइक्लिस्ट एवं पर्वतारोही आशा मालवीय का प्रेरणादायक साइक्लिंग अभियान इन दिनों चर्चा में है। महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर देशभर की यात्रा पर निकली आशा मालवीय अब तक 5,200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए रामगढ़ पहुंच चुकी हैं।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के एक छोटे से गांव की निवासी आशा मालवीय साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन उनका हौसला असाधारण है। वे 100 और 200 मीटर दौड़ की राष्ट्रीय स्तर की एथलीट रह चुकी हैं और पर्वतारोहण में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने 20,500 फीट ऊंचे बी.सी. रॉय शिखर और 19,500 फीट ऊंचे तेनजिंग खान शिखर पर सफलतापूर्वक आरोहण किया है। साथ ही उनका नाम नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है।
साइक्लिंग के क्षेत्र में उन्होंने कई कठिन यात्राएं पूरी की हैं। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के संदेश के साथ वे 26,000 किलोमीटर की अखिल भारतीय यात्रा कर चुकी हैं। इसके अलावा कन्याकुमारी से कारगिल, सियाचिन और उमलिंगला (19,024 फीट) होते हुए दिल्ली-भोपाल तक की चुनौतीपूर्ण यात्रा भी पूरी कर चुकी हैं। मध्य प्रदेश में करीब 4,000 किलोमीटर की साइक्लिंग यात्रा भी उनके नाम दर्ज है।
वर्तमान में वे 78वें भारतीय सेना दिवस के अवसर पर जयपुर से शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान पर हैं। इस अभियान के तहत वे पश्चिम से पूर्व दिशा में अरुणाचल प्रदेश के कीबिथू तक लगभग 7,800 किलोमीटर की दूरी तय कर रही हैं।
आशा मालवीय का जीवन संघर्ष और प्रेरणा की मिसाल है। उनकी मां मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं, जबकि आशा ने खुद मेहनत कर अपनी बहन की शादी में सहयोग किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को साकार कर लाखों युवाओं, खासकर युवतियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया है।
रामगढ़ पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हौसला बढ़ाया गया। मौके पर रामगढ के डीएफओ नितीश कुमार भी मौजूद थे।
अब तक 64,000 किलोमीटर से अधिक साइक्लिंग यात्रा पूरी कर चुकी आशा मालवीय अपने अभियानों के माध्यम से देशभर में युवाओं को आत्मविश्वास, धैर्य और राष्ट्रसेवा के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनका यह अभियान न केवल शारीरिक क्षमता का उदाहरण है, बल्कि मजबूत इरादों और देशभक्ति की भी प्रेरक कहानी है।