पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा पुनर्वास की मांग को लेकर  धरने पर बैठे, रामगढ़ (झारखंड) जिला के पतरातू प्रखंड के हेसला पंचायत में विस्थापन पर बवाल 

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रामगढ़ (झारखंड) : पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में बिना उचित पुनर्वास के विस्थापन की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन उजाड़े जाने के खिलाफ क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है।

ग्रामीणों के समर्थन में भारत के पूर्व केंद्रीय वित्त एवं विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा बिरसा मार्केट, पटेल चौक पतरातू साइट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए समुचित और सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है।

यह पूरा मामला हेसला पंचायत के पीटीपीएस कॉलोनी क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, यह जमीन पूर्व में पीटीपीएस परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें न तो पूर्ण मुआवजा मिला और न ही पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि हेसला पंचायत की 222.26 एकड़ जमीन झारखंड सरकार द्वारा जियाडा को हस्तांतरित की गई है, जिसमें से 40 एकड़ जमीन वरुण बेवरेज को आवंटित की गई है। पंचायत क्षेत्र में पंचायत भवन समेत कई सरकारी योजनाओं पर सरकारी धन खर्च हो चुका है, और कई परिवार वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं।

निवासियों का कहना है कि यदि अधिग्रहित जमीन का उपयोग 15 वर्षों तक निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं होता है, तो उसे मूल रैयतों को वापस करने का प्रावधान है। ऐसे में वे इस जमीन पर अपना अधिकार जता रहे हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उन्हें झारखंड उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) भी प्राप्त है, बावजूद इसके प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।

गुरुवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया था। आज आयोजित धरना कार्यक्रम में यशवंत सिन्हा  के अलावा रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी, प्रकाश मिश्रा, रविंद्र शर्मा, देवेंद्र सिंह सहित कई लोग शामिल हुए।

धरने के दौरान नेताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उसके बाद ही किसी भी प्रकार की भूमि खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।