रामगढ़ (झारखंड) के पतरातू में बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, विरोध कर रहे यशवंत सिन्हा हिरासत में, बाद में रिहा

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रामगढ़ (झारखंड) : जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत स्थित पीटीपीएस आवासीय कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को शुक्रवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

विरोध के समर्थन में पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने भी धरना दिया। सैकड़ों लोगों के साथ वे करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट सह अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने कार्रवाई करते हुए यशवंत सिन्हा, शंकर चौधरी समेत सैकड़ों लोगों को हिरासत में लेकर पतरातू थाना भेज दिया। बाद में सभी को रसियन हॉस्टल स्थित अस्थायी कैंप जेल ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

प्रशासन के अनुसार, यह जमीन पूर्व में पीटीपीएस की थी, जिसे औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (JIADA) को हस्तांतरित किया गया है। झारखण्ड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंटअथॉरिटी के पक्ष में झारखण्ड हाई कोर्टद्वारा 13 जनवरी 2026 को दिए गए आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान पतरातू बीडीओ, सीओ एवं दंडाधिकारी की मौजूदगी में कई थानों की पुलिस बल तैनात रही। जेसीबी मशीनों की मदद से जर्जर भवनों को खाली कराया गया। प्रशासन ने बताया कि मौजा हेसला, उचरिंगा और कटिया की जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है।

वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वे दो-तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और उन्हें बिना पुनर्वास के हटाया जा रहा है। महिलाओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

धरने के दौरान यशवंत सिन्हा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को हटाने से पहले उसके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो वे जमानत नहीं लेंगे और जेल जाने को तैयार हैं।

मजिस्ट्रेट मनोज कुमार चौरसिया ने कहा कि न्यायालय के आदेश के तहत कार्रवाई की जा रही है और पूर्व में भी लोगों को क्वार्टर खाली करने के लिए समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया।