नयी दिल्ली / रांची : सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को बड़ी राहत देते हुए उनकी सात साल की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है और उन्हें जमानत प्रदान कर दी है। यह मामला सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़े कथित भूमि खरीद प्रकरण से संबंधित है।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान यह निर्देश भी दिया कि एक्का आदिवासी भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की प्रक्रिया में सहयोग करने को लेकर शपथपत्र दाखिल करें।
शीर्ष अदालत, झारखंड हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सजा पर रोक देने से इनकार किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया सजा निलंबन का आधार नहीं बनता है।
इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत, रांची ने 30 अगस्त 2025 को एक्का को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, एक्का और उनके सहयोगियों पर आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे के लिए फर्जी पते का इस्तेमाल करने का आरोप है।
फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से एक्का को अस्थायी राहत मिली है, जबकि मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।