सोमवार को चितरपुर अंचल निरीक्षक पवन यादव के नेतृत्व में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक माइकिंग कर लोगों को सूचना दी गई। साथ ही विभिन्न स्थानों पर नोटिस भी चिपकाए गए, ताकि सभी संबंधित व्यक्तियों तक स्पष्ट संदेश पहुंच सके।
प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अंचल स्तर पर दर्ज अतिक्रमण वाद के तहत सभी प्रभावित लोगों को समय रहते अपनी दुकानें, सामान और अन्य सामग्री हटाने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मंदिर क्षेत्र को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
हाल ही में राज्य के पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने रजरप्पा पहुंचकर प्रस्तावित विकास कार्यों का निरीक्षण किया था और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया।
रजरप्पा मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कर सुव्यवस्थित करने की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।