रामगढ़ में छावनी परिषद द्वारा टैक्स बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध, निर्णय वापस लेने की मांग

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रामगढ़ कैंट, झारखंड : छावनी परिषद की 13 अप्रैल 2026 को आयोजित मासिक बोर्ड बैठक में शहर की जनता पर टैक्स बढ़ोतरी के लिए भवनों सा असेसमेंट का प्रस्ताव पारित किए जाने के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार अनमोल सिंह ने ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण और जनविरोधी बताया है।

श्रो सिंह ने कहा है कि यह टैक्स वृद्धि छावनी अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। वर्तमान में छावनी परिषद का बोर्ड तदर्थ (Ad-hoc) स्थिति में है, ऐसे में इस तरह के महत्वपूर्ण निर्णय लेना नियमसंगत नहीं माना जा रहा है।

सरदार अनमोल सिंह का कहना है कि परिषद द्वारा हर वर्ष टैक्स में वृद्धि की जाती रही है, ऐसे में तीन साल के भीतर दोबारा टैक्स बढ़ाने का कोई ठोस औचित्य नहीं है। इसके अलावा, टैक्स स्लैब को भी गलत तरीके से निर्धारित किया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि गंभीर सवाल यह भी उठ रहा है कि बैठक के दौरान स्थानीय विधायक की मौजूदगी के बावजूद इस फैसले का कोई विरोध नहीं किया गया। एक गंभीर बात को उठाते हुये सरदार अनमोल सिंह ने कहा कि जानकारी के अनुसार, तदर्थ बोर्ड में नामित सदस्य को मिला  केवल तीन सदस्य होते हैं, ऐसे में विधायक की उपस्थिति और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरदार अनमोल सिंह ने मांग की है कि छावनी परिषद द्वारा पारित टैक्स वृद्धि प्रस्ताव को तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा रामगढ़ की जनता इसके खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होगी।