रामगढ़ (झारखंड) में डीआईजी की समीक्षा बैठक, संगठित अपराध पर सख्ती के निर्देश

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रामगढ़, झारखंड : उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र, हजारीबाग के पुलिस उप-महानिरीक्षक अंजनी कुमार झा के रामगढ़ पुलिस कार्यालय आगमन पर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार एवं सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातु गौरव गोस्वामी द्वारा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया।

इसके बाद डीआईजी द्वारा जनवरी 2026 से अब तक संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़े फायरिंग, आगजनी, पोस्टरबाजी और धमकी कॉल जैसी घटनाओं के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थाना एवं ओपी प्रभारी सहित अनुसंधानकर्ता मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जेल से छूटे या जमानत पर बाहर आए अपराधियों के खिलाफ की गई निगरानी कार्रवाई जैसे सर्विलांस, डोजियर और सीसीए के तहत उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की गई।

समीक्षा के बाद डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों को संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसायी या संवेदक को धमकी मिलने पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। गिरोह को सूचना देने वाले स्थानीय लोगों की पहचान कर विधि अनुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया।

डीआईजी ने नियमित रूप से स्थान और समय बदलकर एंटी क्राइम चेकिंग करने, आसूचना तंत्र को मजबूत करने तथा फरार अभियुक्तों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए। साथ ही संगठित गिरोहों के अपराधियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने e-prison प्रणाली के माध्यम से अपराधियों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने, जेल से बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों का सत्यापन करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा जेल में बंद अपराधियों के विरुद्ध सीसीए के तहत निरुद्ध करने की प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा गया।

डीआईजी ने संगठित अपराधियों का डेटाबेस तैयार करने, मामलों का त्वरित विचारण (स्पीडी ट्रायल) सुनिश्चित कराने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए समय पर वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए थाना और ओपी क्षेत्रों के प्रवेश व निकास मार्गों पर स्लाइडिंग बैरियर एवं सीसीटीवी लगाने, वाहनों की सघन जांच करने तथा ब्लैक फिल्म लगे चार पहिया वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके साथ ही विभिन्न परियोजनाओं और विकास कार्यों से समन्वय स्थापित कर संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक के माध्यम से रामगढ़ पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ और अधिक सक्रिय एवं सख्त कार्रवाई करने का स्पष्ट संदेश दिया गया।