हेसला पंचायत भूमि अधिग्रहण मामले को लेकर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, पुनर्वास व मुआवजा की उठी मांग
रामगढ़, झारखंड :झारखंड प्रदेश कांग्रेस समिति के अंतर्गत राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष शान्तनु मिश्रा द्वारा उपायुक्त, रामगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पतरातू प्रखंड के हेसला पंचायत के ग्रामीणों के पुनर्वास एवं भूमि मुआवजा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि हेसला पंचायत, पतरातू प्रखंड की आबादी लगभग 4000 से अधिक है, जहां करीब 928 परिवार निवास करते हैं। वर्ष 1961-62 में पंचायत की भूमि का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन अब तक कई रैयतों को न तो उचित मुआवजा मिला और न ही अधिग्रहण से संबंधित स्पष्ट अभिलेख उपलब्ध कराए गए।
मामले में यह भी उल्लेख किया गया कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में जिला प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। साथ ही, झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (JIADA) को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया कि वर्तमान में लगभग 222 एकड़ भूमि को अवैध कब्जा घोषित किया जा रहा है, जबकि उस भूमि पर वर्षों से मूल रैयत, पीटीपीएस से जुड़े परिवार एवं भूमिहीन मजदूर पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड में दायर शपथ पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि केवल 12.59 एकड़ भूमि के अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं, जबकि शेष भूमि के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
मुख्य मांगें:
हेसला पंचायत की संपूर्ण भूमि अधिग्रहण से जुड़े अभिलेखों की जांच कर उन्हें सार्वजनिक किया जाए
मूल रैयतों को उनकी भूमि का विधिसम्मत मुआवजा शीघ्र प्रदान किया जाए
प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की स्पष्ट एवं न्यायसंगत व्यवस्था की जाए
पुनर्वास एवं मुआवजा प्रक्रिया पूर्ण होने तक किसी भी प्रकार की बेदखली पर रोक लगाई जाए
ज्ञापन के साथ विभिन्न विभागों से प्राप्त आरटीआई जवाब, जिला भू-अर्जन शाखा के पत्राचार एवं न्यायालय में दायर शपथ पत्र की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।
ज्ञापन में उम्मीद जताई गई है कि जिला प्रशासन जनहित एवं न्याय के दृष्टिकोण से इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा।