रामगढ़, झारखंड : राज्य सरकार के निर्देशानुसार गर्मी के मौसम को देखते हुए जलापूर्ति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता तथा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से उनके क्षेत्रों में जलापूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक नागरिक तक नियमित और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए प्रखंड स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा गया।
उपायुक्त ने जनसंपर्क विभाग को जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष एवं उसके दूरभाष नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि आमजन अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज करा सकें और उनका त्वरित समाधान हो सके।
बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए खराब पड़ी योजनाओं की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कर शीघ्र चालू करने का निर्देश दिया गया। कार्यपालक अभियंता ने जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2026 से अब तक जिले में कुल 3667 चापानलों की मरम्मत की जा चुकी है। इस पर उपायुक्त ने कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में लू से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही ओआरएस, आवश्यक दवाइयों एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति एवं स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए आम जनता को राहत पहुंचाएं।