रामगढ़ (झारखंड) :आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत रामगढ़ जिले के सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्य प्रगति को लेकर 02 मई 2026 को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य अभियान निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने की।
बैठक में राज्य स्तरीय टीम से राजन कुमार, डॉ रंजना सिन्हा, रश्मि नंदे (व्यवसाय विश्लेषक – सूचना प्रौद्योगिकी), इवा अनंता खाखा (आंकड़ा विश्लेषक) सहित जिले के सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ हरेनचंद्र महतो, डीएलओ डॉ तूलिका रानी, डीटीओ डॉ स्वराज, डीआरसीएचओ डॉ ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह सहित सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित थे।
कार्य प्रगति की समीक्षा और निर्देश
बैठक के दौरान राज्य अभियान निदेशक ने जिले में चल रहे कार्यों की सराहना करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर जोर दिया। उन्होंने तकनीकी बाधाओं को शीघ्र दूर करने और मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा
बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई :
आभा आईडी (स्वास्थ्य खाता): जिले के प्रत्येक नागरिक का आभा नंबर बनाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से कहीं भी उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकरण: सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों का डिजिटल पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराने पर बल दिया गया।
स्वास्थ्य सुविधा पंजीकरण: सरकारी एवं निजी अस्पताल, क्लीनिक और लैब को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड: मरीजों के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया।
सदर अस्पताल का निरीक्षण और कक्ष का उद्घाटन
बैठक के उपरांत राज्य अभियान निदेशक ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया तथा मुख्यमंत्री डिजिटल मिशन के लिए समर्पित कक्ष का उद्घाटन किया। साथ ही निजी अस्पतालों को 10 मई 2026 से पहले स्वास्थ्य पेशेवर एवं स्वास्थ्य सुविधा पंजीकरण पूरा करने के निर्देश दिए गए।
रामगढ़ बना मॉडल जिला
भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के उद्देश्य से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत रामगढ़ को मॉडल जिला के रूप में चयनित किया गया है। इसके अंतर्गत सदर अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा और पूरी व्यवस्था कागजरहित (पेपरलेस) होगी।
इस मिशन के तहत सभी मरीजों का आभा कार्ड बनाना तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को सुरक्षित रखना आवश्यक है, जिससे भविष्य में किसी भी स्थान पर उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को आसानी से देखा जा सके।