रामगढ़ (झारखंड) :रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत के ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण, आजीविका और पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण शांतिपूर्ण एवं अहिंसक तरीके से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से भूमि अधिग्रहण, आजीविका के संकट और पुनर्वास से संबंधित गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई बार प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संवैधानिक अधिकारों, विशेषकर जीवन और आजीविका के अधिकार से जुड़ा है, जो वर्तमान परिस्थितियों में प्रभावित हो रहा है।
चार प्रमुख मांगें
ज्ञापन में ग्रामीणों ने निम्नलिखित चार सूत्री मांगें रखी हैं:
भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
वंचित, प्रभावित और भूमिहीन रैयतों को निर्धारित उचित मुआवजा समयबद्ध तरीके से दिया जाए।
प्रभावित परिवारों के लिए समुचित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना लागू की जाए।
आजीविका सुरक्षा हेतु दीर्घकालिक एवं टिकाऊ योजना बनाकर उसका शीघ्र क्रियान्वयन किया जाए।
धरना की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे संवैधानिक दायरे में रहते हुए पूर्णतः शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना आयोजित करने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख लोग
इस ज्ञापन पर हेसला पंचायत की मुखिया सहित कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से मुखिया रीति झा, प्रदीप महतो, अजय कुशवाहा, प्रमोद यादव, मंजू सिंह, नागिना, रंजीत कुमार, शंकर मुंडा, नित्यान्द कुमार,, शांतनु मिश्रा, महेंद्र प्रताप जिज्ञासु, सुरजमनी कुमारी, जितेंद्र कुमार, आनंद सतपथी, बृजेंद्र कुमार यादव, पंकज कुमार, निशा कुमारी, काजल कुमारी, रिंकी कुमारी ,पुष्पा कुमारी सहित अन्य ग्रामीणों के नाम शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अविलंब कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े।